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नगरपालिका चुनाव से पहले राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। नाशिक के दो पूर्व महापौरों — दशरथ पाटील और अशोक मुर्तडक — ने सोमवार को ठाणे में एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना में पार्टी प्रवेश किया है, जिससे आगामी नगरपालिकाओं के चुनावी समीकरण और भी रोचक बने हैं।
पूर्व महापौरों का शिवसेना में प्रवेश
पूर्व महापौर दशरथ पाटील और अशोक मुर्तडक ने मंगळवारी (सोमवार) ठाणे में आयोजित एक कार्यक्रम में एकनाथ शिंदे गुट की शिवसेना में शामिल होकर अपनी नई राजनीतिक दिशा घोषित की। इस दौरान दोनों नेताओं ने शिंदे के पक्ष का समर्थन किया और आगामी नगरपालिका चुनाव में पार्टी को मजबूती से खड़ा करने का आश्वासन दिया।
विशेष बात यह है कि अशोक मुर्तडक इससे पहले शिवसेना ठाकरे गुट में भी रहे हैं और फिर उन्होंने भाजपा में प्रवेश किया था, लेकिन अब उन्होंने फिर से शिंदे की शिवसेना का दामन थामा है।
राजनीतिक पृष्ठभूमि और बदलाव
महारपालिका चुनाव के ऐलान के बाद नाशिक में राजनीतिक गतिविधियाँ तेज हो गई हैं, और कई वरिष्ठ नेताओं ने पार्टी बदलने के ऐतिहासिक निर्णय लिए हैं। पिछले माह भी माजी महापौर विनायक पांडे, माजी महापौर एड. यतीन वाघ, कांग्रेस के वरिष्ठ नगरसेवक शाहू खैरे और राष्ट्रवादी के नितीन भोसले जैसे नेता भाजपा में शामिल हुए थे।
दशरथ पाटील 2003–04 में भी नाशिक के महापौर रहे हैं और उनके राजनीतिक निर्णयों का हमेशा स्थानीय स्तर पर गहरा प्रभाव रहा है। उनके पुत्र प्रेम पाटील को भी शिंदे गुट की शिवसेना ने समर्थन दिया है।
आगे की राजनीति
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार आगामी नगरपालिका चुनावों से पहले ऐसे नेता का बड़ा प्रवेश शिवसेना (शिंदे गुट) के लिए लाभदायक हो सकता है, क्योंकि पिछले दिनों कुछ पारंपरिक वोट बैंक में बदलाव के संकेत भी मिले हैं।
स्थानीय राजनीति में यह बदलाव इस बात का संकेत है कि नगरपालिका चुनावों में गठबंधन और प्रत्याशियों की रणनीतियाँ तेजी से बदलती जा रही हैं, और नेताओं के पार्टी बदलने के फैसले आगामी चुनावी नतीजों पर असर डाल सकते हैं।








