इस खबर को सुनने के लिये प्ले बटन को दबाएं।

कड़ी मेहनत, आत्मविश्वास और निरंतर प्रयास की मिसाल पेश करते हुए निवृत्ति राजामती विट्ठलराव मोहिते, श्री एंटरप्राइज के संस्थापक, ने इंटीरियर डेकोरेशन व्यवसाय में एक सफल पहचान बनाई है।
वर्ष 2017 में 12वीं कक्षा उत्तीर्ण करने के बाद परिवार की कमजोर आर्थिक स्थिति के कारण उनके लिए उच्च शिक्षा या व्यवसाय शुरू करना संभव नहीं था। परिवार का सहारा बनने के लिए उन्होंने एक रिश्तेदार की इंटीरियर डेकोरेशन दुकान पर काम करना शुरू किया। बिना किसी अनुभव के कम वेतन पर काम करते हुए उन्होंने सुबह अखबार वितरण का कार्य भी किया।
लगातार आठ वर्षों तक नौकरी के साथ-साथ उन्होंने इंटीरियर डेकोरेशन से जुड़े हर पहलू को सीखा और व्यावहारिक अनुभव प्राप्त किया। धीरे-धीरे वे स्वतंत्र रूप से प्रोजेक्ट संभालने में सक्षम हो गए।
वर्ष 2023 में सीमित संसाधनों के बावजूद उन्होंने सहकारी क्रेडिट संस्था से ऋण लेकर श्री एंटरप्राइज की स्थापना की। शुरुआती समय चुनौतीपूर्ण रहा, लेकिन गुणवत्तापूर्ण कार्य, उचित मूल्य और ईमानदार सेवा के कारण ग्राहकों का भरोसा जीत लिया।
आज श्री एंटरप्राइज लगातार प्रगति कर रहा है। निवृत्ति मोहिते की यह यात्रा युवाओं के लिए प्रेरणा है, जो यह सिद्ध करती है कि समर्पण, कौशल और ईमानदारी से हर कठिन परिस्थिति को सफलता में बदला जा सकता है।
महाराष्ट्र के प्रतिष्ठित पुरस्कारों के लिए चयन
उनकी उपलब्धियों और समर्पण को सम्मानित करते हुए निवृत्ति राजामती विट्ठलराव मोहिते को
“महाराष्ट्र बिज़नेस आइकन 2025 / महाराष्ट्र स्टाइल आइकन 2025 / महाराष्ट्र फैशन आइकन 2025” पुरस्कारों के लिए चुना गया है। यह सम्मान Reseal.in और India Fashion Icon Magazine द्वारा प्रदान किया जा रहा है।
फिल्मी सितारों की गरिमामयी उपस्थिति
भव्य पुरस्कार समारोह में प्रसिद्ध फिल्म हस्तियाँ शिरकत करेंगी, जिनमें शामिल हैं:
-
सुश्री वर्षा उसगांवकर (बॉलीवुड अभिनेत्री)
-
सुश्री सोनाली कुलकर्णी (भारतीय अभिनेत्री)
-
सुश्री प्रार्थना बेहेरे (भारतीय अभिनेत्री)
यह चयन न केवल संस्थापकों के लिए, बल्कि पूरे क्षेत्र के लिए गर्व का विषय है।
विशेष नेतृत्व में आयोजन
यह आयोजन Reseal.in (Sure Me Multipurpose Pvt. Ltd.) के संस्थापक और CEO श्री सुधीर कुमार पठाडे के नेतृत्व में आयोजित किया जा रहा है, जो महाराष्ट्र के उभरते उद्यमियों, डिज़ाइनर्स और क्रिएटिव टैलेंट को राष्ट्रीय पहचान दिलाने के लिए निरंतर कार्यरत हैं।