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देश की राजनीति में बड़ा घटनाक्रम सामने आया है, जहां राघव चड्ढा ने आम आदमी पार्टी से अलग होने और भारतीय जनता पार्टी में शामिल होने का ऐलान कर दिया है। उनके इस फैसले ने सियासी हलकों में हलचल मचा दी है।
दो-तिहाई सांसद साथ होने का दावा
राघव चड्ढा ने दावा किया कि राज्यसभा में AAP के दो-तिहाई सांसद उनके साथ हैं और वे सभी बीजेपी में विलय करेंगे। उन्होंने कहा कि इस संबंध में आवश्यक दस्तावेज भी जमा कर दिए गए हैं।
AAP पर लगाए गंभीर आरोप
चड्ढा ने पार्टी नेतृत्व पर निशाना साधते हुए कहा कि आम आदमी पार्टी अब अपने मूल उद्देश्यों से भटक चुकी है और भ्रष्टाचार में लिप्त हो गई है।
उन्होंने कहा, “मैंने अपनी जवानी के 15 साल इस पार्टी को दिए, लेकिन अब यह आम लोगों की पार्टी नहीं रही।”
मोदी और शाह के नेतृत्व में काम करने की बात
राघव चड्ढा ने कहा कि अब वे नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और अमित शाह के संकल्प के साथ देश के लिए काम करेंगे।
AAP की प्रतिक्रिया
इस घटनाक्रम के बाद संजय सिंह ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए इसे बीजेपी का “ऑपरेशन लोटस” करार दिया। उन्होंने कहा कि यह लोकतंत्र के खिलाफ है और पंजाब की जनता इसे कभी माफ नहीं करेगी।
संदीप पाठक का बयान
वहीं संदीप पाठक ने भी पार्टी छोड़ने की पुष्टि करते हुए कहा कि यह फैसला आसान नहीं था, लेकिन अब उनका रास्ता अलग है और उनका उद्देश्य देश के लिए काम करना है।
सियासी असर क्या होगा?
अगर राघव चड्ढा का दावा सही साबित होता है, तो आम आदमी पार्टी को राज्यसभा में बड़ा झटका लग सकता है और राष्ट्रीय राजनीति में शक्ति संतुलन बदल सकता है।
निष्कर्ष
राघव चड्ढा का यह कदम भारतीय राजनीति में एक बड़े बदलाव का संकेत माना जा रहा है। आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि यह सियासी घटनाक्रम किस दिशा में जाता है और इसका असर चुनावी समीकरणों पर कितना पड़ता है।








