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समाजसेवा के क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बनाने वाले डॉ. अॅड. गगन उर्फ राहुल राधा केशव रहांगडाले आज कई लोगों के लिए प्रेरणा बन चुके हैं। एक साधारण परिवार में जन्म लेकर अपने संघर्ष और मेहनत के बल पर उन्होंने न केवल व्यक्तिगत सफलता हासिल की, बल्कि समाज के उत्थान के लिए भी निरंतर कार्य कर रहे हैं।
3 नवंबर 1987 को नागपुर में जन्मे डॉ. रहांगडाले बचपन से ही समाजसेवा की भावना से प्रेरित रहे हैं। दूसरों की मदद करने की उनकी प्रवृत्ति ने उन्हें जीवन में एक अलग दिशा दी। उन्होंने अपने शैक्षणिक जीवन में कानून (Law) क्षेत्र को चुना और आगे चलकर “डॉ.” की उपाधि प्राप्त कर अपने ज्ञान और कौशल को और सशक्त बनाया।
एक अधिवक्ता के रूप में उन्होंने हमेशा न्याय, पारदर्शिता और समाजहित को प्राथमिकता दी। अपने पेशेवर जीवन में भी वे केवल कानूनी सेवाओं तक सीमित नहीं रहे, बल्कि उन्होंने समाज के कमजोर वर्गों की मदद के लिए लगातार प्रयास किए।
जीवन के शुरुआती दौर में उन्हें कई कठिनाइयों और चुनौतियों का सामना करना पड़ा। लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी और हर परिस्थिति का डटकर सामना किया। इन्हीं संघर्षों ने उनके भीतर नेतृत्व क्षमता और समाज के लिए कुछ बड़ा करने का जज्बा पैदा किया।
वर्तमान में वे Aapla Maanus Foundation, नागपुर के सचिव के रूप में कार्यरत हैं। उनके नेतृत्व में संस्था द्वारा शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यावरण संरक्षण, जरूरतमंद परिवारों की सहायता और युवाओं को मार्गदर्शन जैसे कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों में सराहनीय कार्य किए जा रहे हैं।
संस्था के माध्यम से उन्होंने कई सामाजिक अभियानों को सफलतापूर्वक संचालित किया है, जिनका उद्देश्य समाज के हर वर्ग तक मदद पहुंचाना है। विशेष रूप से आर्थिक रूप से कमजोर लोगों के लिए सहायता, छात्रों के लिए शैक्षणिक सहयोग और युवाओं को सही दिशा देने जैसे कार्यों में उनकी भूमिका महत्वपूर्ण रही है।
उनके कार्यों की सराहना करते हुए उन्हें विभिन्न सामाजिक, शैक्षणिक और राज्यस्तरीय पुरस्कारों से सम्मानित भी किया गया है। यह सम्मान उनके समर्पण और समाज के प्रति उनके योगदान को दर्शाता है।
डॉ. रहांगडाले का व्यक्तित्व बेहद सरल, संयमी और प्रेरणादायक है। वे लोगों को एकजुट कर समाजहित में कार्य करने के लिए प्रेरित करते हैं। उनकी सोच “आपला माणूस” यानी “अपना इंसान” की भावना पर आधारित है, जिसमें हर व्यक्ति को एक-दूसरे के लिए खड़ा होना चाहिए।
उनका मुख्य उद्देश्य समाज के अंतिम व्यक्ति तक सहायता पहुंचाना और हर जरूरतमंद को यह महसूस कराना है कि वह अकेला नहीं है। इसी विचारधारा के साथ वे लगातार समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने के लिए कार्यरत हैं।
डॉ. गगन रहांगडाले की यह यात्रा इस बात का प्रमाण है कि अगर इरादे मजबूत हों और सेवा की भावना सच्ची हो, तो कोई भी व्यक्ति समाज में बड़ा बदलाव ला सकता है।








