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डॉ. अनिल मारुति लटके आज प्रशिक्षण, कौशल विकास और व्यक्तित्व विकास के क्षेत्र में एक प्रेरणादायी व्यक्तित्व के रूप में जाने जाते हैं। महाराष्ट्र के कोल्हापुर जिले के भुदरगढ़ तालुका स्थित बेगवडे जैसे ग्रामीण क्षेत्र से निकलकर उन्होंने अपने संघर्ष, मेहनत और दृढ़ संकल्प के बल पर शिक्षा और प्रशिक्षण जगत में एक अलग पहचान बनाई है।
साधारण परिवार से आने वाले डॉ. अनिल लटके ने बचपन से ही शिक्षा के प्रति गहरी रुचि और समाज के लिए कुछ बड़ा करने का सपना देखा था। आर्थिक परिस्थितियां सीमित होने के बावजूद उन्होंने कभी हार नहीं मानी। अनेक कठिनाइयों और चुनौतियों का सामना करते हुए उन्होंने स्वयं को लगातार विकसित किया और आज लाखों लोगों के लिए प्रेरणा बन चुके हैं।
उन्होंने व्यवसाय प्रबंधन, गुणवत्ता प्रबंधन, सहकार एवं बैंकिंग प्रणाली, सुरक्षा प्रबंधन, व्यक्तित्व विकास और गोल्ड वैल्यूएशन जैसे विभिन्न क्षेत्रों में उच्च शिक्षा और विशेष प्रशिक्षण प्राप्त किया है। उन्होंने PHD (Hon), MBA, DBM, DCE & RE, GDC & A, Total Quality Management और Fire & Safety Management जैसे कई महत्वपूर्ण कोर्स पूरे किए हैं। साथ ही ISO 9001 Lead Auditor के रूप में अंतरराष्ट्रीय स्तर का प्रशिक्षण भी प्राप्त किया है।
पिछले 29 वर्षों में डॉ. अनिल लटके ने महाराष्ट्रभर में तीन हजार से अधिक प्रशिक्षण कार्यक्रम सफलतापूर्वक आयोजित किए हैं। ग्रामीण युवाओं, महिला बचत समूहों, बैंक अधिकारियों, उद्योग कर्मचारियों, छात्रों, शिक्षकों, उद्यमियों और स्वर्णकार समाज के लिए उन्होंने प्रभावी प्रशिक्षण प्रदान किया है। उनके प्रशिक्षण कार्यक्रमों से दो लाख से अधिक लोगों को प्रत्यक्ष लाभ मिला है।
Soft Skills Development, Personality Development, Communication Skills, Leadership Development, Team Building, Stress Management, Workplace Productivity और Customer Relationship Management जैसे विषयों पर उनकी पकड़ बेहद मजबूत मानी जाती है। उनकी प्रशिक्षण शैली प्रेरणादायी, व्यावहारिक और जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने वाली मानी जाती है।
डॉ. अनिल लटके ने Gold Jewellery Testing, Gold Valuation और Gemmology Appraisal के क्षेत्र में भी उल्लेखनीय कार्य किया है। उन्होंने Government Certified Gold Jewellery Valuation, Diamond Grading और Gemmology में विशेष प्रशिक्षण प्राप्त किया है। वर्तमान में वे कई बैंकों, पतसंस्थाओं और वित्तीय संस्थानों के लिए Gold Appraisal Training Programme आयोजित कर रहे हैं।
वे Khadi and Village Industries Commission (KVIC), MSME, Government of India के अंतर्गत Professional Training Associate के रूप में कार्यरत हैं। साथ ही National Council for Cooperative Training के अंतर्गत Gold Valuation Trainer के रूप में भी महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं।
उनके प्रशिक्षण कार्यक्रमों का प्रभाव महाराष्ट्र और कर्नाटक के कई प्रतिष्ठित उद्योगों, बैंकों, कंपनियों और शैक्षणिक संस्थानों में देखा जा सकता है। उन्होंने अनेक औद्योगिक संस्थाओं और सहकारी बैंकों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए हैं।
लेखन क्षेत्र में भी उनका योगदान सराहनीय है। उनकी पुस्तकें “ध्येय यशाचे” और “होय! मला श्रीमंतच व्हायचे आहे” युवाओं और उद्यमियों के लिए प्रेरणादायी साबित हुई हैं। उनके लेखन में सकारात्मक सोच, आत्मविश्वास, आर्थिक प्रगति और सफलता की मानसिकता पर विशेष जोर दिया जाता है।
उनके उत्कृष्ट कार्यों के लिए उन्हें “Maharashtra Udyog Ratna Award 2025” और “Maharashtra Business Achiever’s Award 2025” जैसे प्रतिष्ठित सम्मानों से सम्मानित किया गया है। ये पुरस्कार उनके सामाजिक, शैक्षणिक और व्यावसायिक योगदान की बड़ी पहचान हैं।
डॉ. अनिल मारुति लटके का जीवन संघर्ष से सफलता तक पहुंचने की एक प्रेरक यात्रा है। उन्होंने न केवल स्वयं सफलता हासिल की, बल्कि हजारों लोगों को आत्मविश्वास, कौशल और रोजगार क्षमता की दिशा भी दिखाई। उनका मानना है कि “ज्ञान ही सबसे बड़ी शक्ति है और सही प्रशिक्षण किसी भी सामान्य व्यक्ति को असाधारण सफलता तक पहुंचा सकता है।”
आज भी वे युवाओं, उद्यमियों, महिलाओं और ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों के लिए कौशल विकास, व्यवसाय मार्गदर्शन और व्यक्तित्व विकास के क्षेत्र में लगातार कार्य कर रहे हैं। उनका समर्पण, ईमानदारी और समाज परिवर्तन का दृष्टिकोण उन्हें एक सच्चा प्रेरणास्रोत बनाता है।








