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रणजीत कुमार | जहानाबाद, बिहार | समाचार वाणी न्यूज़
जिले में बच्चों के भीतर वैज्ञानिक सोच, अनुसंधान संस्कृति और नवाचार की भावना विकसित करने के उद्देश्य से रविवार को राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस (NCSC) को लेकर एक महत्वपूर्ण जिला स्तरीय बैठक आयोजित की गई। यह बैठक स्थानीय परिसदन सभागार में संपन्न हुई, जिसकी अध्यक्षता ललित शंकर पाठक ने की।
बैठक में जिले के विज्ञान शिक्षकों, शिक्षा से जुड़े विशेषज्ञों, सामाजिक कार्यकर्ताओं एवं विभिन्न विद्यालयों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य जिले में राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस की गतिविधियों को प्रभावी ढंग से संचालित करना तथा अधिक से अधिक विद्यार्थियों को इस राष्ट्रीय विज्ञान अभियान से जोड़ना रहा।
बैठक के दौरान इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि जिले के लगभग सभी विद्यालयों तक पहुंच बनाकर हजारों विद्यार्थियों को वैज्ञानिक गतिविधियों से जोड़ा जाए। इसके लिए विद्यालय स्तर पर विज्ञान आधारित परियोजनाओं को तैयार कराने, छात्रों को शोध कार्यों के लिए प्रेरित करने और स्थानीय समस्याओं के समाधान पर आधारित प्रोजेक्ट विकसित करने की रणनीति बनाई गई।
बैठक में चर्चा हुई कि विद्यार्थियों को केवल किताबों तक सीमित न रखकर उन्हें अपने आसपास की समस्याओं को वैज्ञानिक दृष्टिकोण से समझने और उनके समाधान खोजने के लिए प्रेरित किया जाए। इसके अंतर्गत जल संरक्षण, स्वच्छता, पर्यावरण, कृषि, स्वास्थ्य और ऊर्जा जैसे विषयों पर आधारित शोध परियोजनाओं को बढ़ावा देने का निर्णय लिया गया।
विशेषज्ञों का मानना है कि बच्चों में प्रारंभिक स्तर से वैज्ञानिक सोच विकसित करने से वे भविष्य में बेहतर शोधकर्ता, नवप्रवर्तक और जिम्मेदार नागरिक बन सकेंगे।
बैठक में यह निर्णय लिया गया कि जिले के विद्यालयों में विशेष विज्ञान जागरूकता अभियान चलाए जाएंगे। इसके तहत विज्ञान शिक्षकों के लिए प्रशिक्षण कार्यशालाएं आयोजित की जाएंगी, ताकि वे विद्यार्थियों को बेहतर मार्गदर्शन दे सकें।
साथ ही गाइड शिक्षकों और मेंटर्स का एक मजबूत नेटवर्क तैयार करने पर भी सहमति बनी, जो छात्रों को विज्ञान परियोजनाओं के निर्माण, प्रस्तुतीकरण और शोध कार्य में सहयोग प्रदान करेगा।
बैठक में चयनित विज्ञान परियोजनाओं को राज्य स्तर तक प्रभावी तरीके से पहुंचाने की योजना पर भी चर्चा हुई। इसके लिए विद्यार्थियों को अकादमिक सहयोग, विशेषज्ञ मार्गदर्शन और प्रस्तुतीकरण प्रशिक्षण देने पर विचार किया गया।
जिला आयोजन समिति और जिला अकादमिक समिति को इन सभी गतिविधियों को सक्रिय रूप से संचालित करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
बैठक में उपस्थित सदस्यों ने कहा कि आज के दौर में वैज्ञानिक सोच और नवाचार की आवश्यकता पहले से कहीं अधिक बढ़ गई है। बच्चों में तार्किक सोच, अनुसंधान क्षमता और समस्या समाधान कौशल विकसित करना समय की मांग है।
राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस जैसे कार्यक्रम विद्यार्थियों को विज्ञान के प्रति रुचि विकसित करने के साथ-साथ समाज और पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी का एहसास भी कराते हैं।
बैठक में विश्वास व्यक्त किया गया कि सामूहिक प्रयासों के माध्यम से जहानाबाद जिला राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस के क्षेत्र में अपनी मजबूत पहचान बनाएगा। इससे जिले के बच्चों को राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिलेगा।
कार्यक्रम में उपस्थित सदस्यों ने कहा कि यह पहल आने वाले समय में जिले में विज्ञान आधारित शिक्षा और नवाचार संस्कृति को नई दिशा देगी।
बैठक में पवन कुमार, राजीव रंजन, पंकज कुमार, अंजनी कुमार उपाध्याय, शशिरंजन कुमार, बेंकटेश कुमार, तेज प्रताप, सत्य प्रकाश, शशि कुमार, सुगंधा कुमारी सहित कई अन्य सदस्य उपस्थित रहे।
सभी प्रतिभागियों ने विज्ञान और नवाचार को जन-जन तक पहुंचाने तथा बच्चों को वैज्ञानिक गतिविधियों से जोड़ने के लिए मिलकर कार्य करने का संकल्प लिया।








