इस खबर को सुनने के लिये प्ले बटन को दबाएं।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शारदीय नवरात्रि की पावन महानवमी के अवसर पर गोरखपुर स्थित गोरखनाथ मंदिर में कन्या पूजन के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए महिलाओं के प्रति अपराधों में कमी और सजा दिलाने में प्रदेश की उपलब्धियों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में महिलाओं के प्रति अपराधों में उल्लेखनीय कमी आई है और अपराधियों को सजा दिलाने में राज्य देश में शीर्ष स्थान पर है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन के लिए सरकार द्वारा विभिन्न योजनाएं संचालित की जा रही हैं। इनमें ‘मिशन शक्ति’ अभियान, कन्या सुमंगला योजना, सामूहिक विवाह योजना और महिला हेल्पलाइन जैसी पहल शामिल हैं। इन योजनाओं के माध्यम से महिलाओं को आर्थिक सहायता, शिक्षा और कानूनी सहायता प्रदान की जा रही है, जिससे उनका सशक्तिकरण संभव हो रहा है।
सीएम योगी ने कहा कि नारी शक्ति के बिना सृष्टि की कल्पना नहीं की जा सकती और सनातन धर्म में नारी को सर्वोच्च स्थान प्राप्त है। उन्होंने कन्या पूजन को नारी शक्ति की पूजा और सम्मान का प्रतीक बताया। मुख्यमंत्री ने कहा कि जहां बेटी सुरक्षित और सम्मानित है, वहां समाज भी सुरक्षित और सम्मानित माना जाता है।
उन्होंने यह भी बताया कि प्रदेश में एक करोड़ महिलाओं को विभिन्न योजनाओं के तहत 12,000 रुपये सालाना पेंशन दी जा रही है। इसके अलावा, 26 लाख बेटियों को कन्या सुमंगला योजना के तहत 25,000 रुपये का पैकेज प्रदान किया गया है, जिससे उनकी शिक्षा और विकास में मदद मिल रही है। सामूहिक विवाह योजना के तहत गरीब परिवारों की बेटियों के विवाह के लिए एक लाख रुपये की सहायता दी जा रही है।
सीएम योगी ने विजयदशमी के अवसर पर प्रदेशवासियों को बधाई देते हुए कहा कि यह पर्व अधर्म, अन्याय और अत्याचार पर धर्म, न्याय और सदाचार की विजय का प्रतीक है। उन्होंने रावण के पुतले जलाने और भगवान श्रीराम के राजतिलक के कार्यक्रमों को इस विजय का प्रतीक बताया।
मुख्यमंत्री के इस बयान से यह स्पष्ट होता है कि उत्तर प्रदेश सरकार महिलाओं की सुरक्षा और सशक्तिकरण को अपनी प्राथमिकता मानती है और इसके लिए निरंतर प्रयासरत है। उनके नेतृत्व में प्रदेश में महिला अपराधों में कमी और सजा दिलाने में सफलता प्राप्त हुई है, जो अन्य राज्यों के लिए एक आदर्श प्रस्तुत करता है।







