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राजेश चौधरी | रावतसर, हनुमानगढ़ | समाचार वाणी न्यूज़
गंगा दशमी के पावन अवसर पर सोमवार को हनुमानगढ़ जिले के रावतसर स्थित लखूवाली हैड पर मुख्य जिला स्तरीय कार्यक्रम के साथ ‘वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान’ का विधिवत शुभारंभ किया गया। जल संरक्षण, पर्यावरण संवर्धन और हरियाली बढ़ाने के उद्देश्य से आयोजित इस कार्यक्रम में जल पूजन एवं पौधरोपण कर अभियान की शुरुआत की गई। यह विशेष अभियान 5 जून विश्व पर्यावरण दिवस तक जिलेभर में विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से संचालित किया जाएगा।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, अधिकारी, ग्रामीण और महिलाएं उपस्थित रहीं। सभी ने जल संरक्षण और पर्यावरण बचाने का सामूहिक संकल्प लिया।
इस अवसर पर श्रीयादे माटी कला बोर्ड के अध्यक्ष श्री प्रहलाद राय टाक ने मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा की सराहना करते हुए उन्हें आधुनिक युग का “भागीरथ” बताया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा नहरों और खालों के जीर्णोद्धार के लिए 3200 करोड़ रुपये का बजट उपलब्ध कराया गया है, जो राजस्थान में जल संरक्षण की दिशा में ऐतिहासिक कदम है।
उन्होंने कहा कि पानी प्रकृति का सबसे अमूल्य संसाधन है और आधुनिक तकनीक भी पानी का निर्माण नहीं कर सकती। इसलिए हर नागरिक का कर्तव्य है कि वह जल संरक्षण को अपनी जिम्मेदारी समझे और आने वाली पीढ़ियों के लिए पानी बचाने का संकल्प ले।
कार्यक्रम में जिला प्रभारी सचिव डॉ. जोगा राम ने “हरियालो राजस्थान” अभियान पर विशेष जोर देते हुए कहा कि केवल पौधे लगाना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनकी देखभाल करना भी उतना ही आवश्यक है। उन्होंने कहा कि यह अभियान केवल सरकारी कार्यक्रम बनकर नहीं रहना चाहिए, बल्कि जनआंदोलन के रूप में आगे बढ़ना चाहिए।
उन्होंने जानकारी दी कि “कर्मभूमि से मातृभूमि” अभियान के तहत प्रदेशभर में अब तक 40 हजार से अधिक लोगों ने भागीदारी दर्ज करवाई है। साथ ही प्रदेश में हर वर्ष 1 लाख 10 हजार से अधिक पेयजल डिग्गियों की मरम्मत का कार्य किया जा रहा है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में जल संरक्षण को मजबूती मिलेगी।
जिला कलक्टर डॉ. खुशाल यादव ने उपस्थित लोगों को जल संरक्षण और पर्यावरण सुरक्षा की शपथ दिलाई। उन्होंने कहा कि वर्षा जल संग्रहण, वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम और पारंपरिक जल स्रोतों के संरक्षण के माध्यम से भूजल स्तर बढ़ाने की दिशा में गंभीर प्रयास किए जाएंगे।
उन्होंने “पेड़ लगाओ-जीवन बचाओ” का संदेश देते हुए लोगों से अधिक से अधिक पौधे लगाने और उनकी सुरक्षा करने की अपील की। उन्होंने कहा कि यदि समाज और प्रशासन मिलकर कार्य करें, तो जल संकट जैसी समस्या पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सकता है।
कार्यक्रम के दौरान जल संरक्षण और पर्यावरण सुरक्षा से जुड़े विभिन्न संदेशों का प्रसार किया गया। ग्रामीणों और महिलाओं ने भी अभियान में उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए जल बचाने का संकल्प लिया।
इस अवसर पर जल संसाधन विभाग के मुख्य अभियंता श्री प्रदीप रुस्तगी, जनप्रतिनिधि श्री अमित सहू, पूर्व विधायक श्री धर्मेंद्र मोची, श्री बलवीर बिश्नोई, श्रीमती गुलाब सिंवर, जिला परिषद सीईओ श्री ओपी बिश्नोई सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन श्री भीष्म कौशिक ने किया।
कार्यक्रम के उपरांत श्रीयादे माटी कला बोर्ड अध्यक्ष श्री प्रहलाद राय टाक ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर अभियान की महत्ता पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि जल संरक्षण केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक व्यक्ति का दायित्व है।
‘वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान’ के माध्यम से जिलेभर में जल स्रोतों के संरक्षण, वर्षा जल संचयन, पौधरोपण और पर्यावरण जागरूकता से संबंधित कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। प्रशासन का उद्देश्य है कि अधिक से अधिक लोगों को इस अभियान से जोड़कर जल संरक्षण को जन-जन का आंदोलन बनाया जाए।








