दिलजीत दोसांझ की फिल्म ‘सतलुज’ को लेकर विवाद लगातार गहराता जा रहा है। ओटीटी प्लेटफॉर्म से फिल्म हटाए जाने के बाद अब शिरोमणि अकाली दल (SAD) और अकाल तख्त ने फिल्म और मानवाधिकार कार्यकर्ता जसवंत सिंह खालड़ा की विरासत के समर्थन में अलग-अलग कदम उठाने की घोषणा की है।
पूरे पंजाब में होगी फिल्म की स्क्रीनिंग
शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने घोषणा की है कि पार्टी पंजाब के गांवों और शहरों में ‘सतलुज’ की स्क्रीनिंग करेगी। उनका कहना है कि इस फिल्म के जरिए नई पीढ़ी को 1990 के दशक में सिख समुदाय पर हुए कथित अत्याचारों और जसवंत सिंह खालड़ा के संघर्ष से अवगत कराया जाएगा।
14 जुलाई को विशेष अरदास
अकाल तख्त ने 14 जुलाई को हरिके पत्तन स्थित सतलुज नदी के किनारे विशेष अरदास (प्रार्थना सभा) आयोजित करने का फैसला किया है। जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गर्गज्ज के अनुसार, इस दौरान उन सिख युवाओं को श्रद्धांजलि दी जाएगी, जिनकी मौतों और गुमशुदगी के मामलों को जसवंत सिंह खालड़ा ने उजागर किया था। साथ ही उनके परिवारों के लिए न्याय की प्रार्थना भी की जाएगी।
क्या है पूरा विवाद?
निर्देशक हनी त्रेहान की फिल्म ‘सतलुज’, जिसका पहले नाम ‘Panjab ’95’ था, मानवाधिकार कार्यकर्ता जसवंत सिंह खालड़ा के जीवन और उनके संघर्ष पर आधारित है। खालड़ा ने दावा किया था कि 1990 के दशक में पंजाब में उग्रवाद विरोधी अभियानों के दौरान हजारों लोगों की कथित गैर-कानूनी हत्याएं और गुमशुदगियां हुई थीं।
करीब तीन वर्षों तक प्रमाणन प्रक्रिया में देरी के बाद फिल्म 3 जुलाई को बिना किसी कट के ZEE5 पर रिलीज हुई थी। हालांकि, केवल दो दिन बाद 5 जुलाई को इसे प्लेटफॉर्म से हटा लिया गया, जिसके बाद यह मामला राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बन गया।
केंद्र सरकार ने बनाई जांच समिति
विवाद के बीच पंजाब भाजपा ने जानकारी दी कि सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने फिल्म को ओटीटी प्लेटफॉर्म से हटाए जाने की परिस्थितियों की जांच के लिए तीन सदस्यीय समिति का गठन किया है। इस बीच विभिन्न संगठनों ने भी सार्वजनिक स्क्रीनिंग की पहल शुरू कर दी है।
दिलजीत दोसांझ की प्रतिक्रिया
फिल्म हटाए जाने पर अभिनेता दिलजीत दोसांझ ने कहा कि उन्हें इसकी संभावना पहले से थी। उन्होंने दर्शकों का समर्थन करने के लिए धन्यवाद दिया और अपील की कि जिन लोगों ने फिल्म डाउनलोड की है, वे उसे साझा करते रहें। उनका कहना था कि “एक बार कोई चीज़ इंटरनेट पर आ जाती है, तो उसे पूरी तरह मिटाया नहीं जा सकता।”








