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भारतीय शेयर बाजार ने शुक्रवार को आखिरी समय में गजब की मजबूती दिखाई। शुरुआती सत्र में हल्की गिरावट के बाद बीएसई सेंसेक्स ने जबरदस्त पलटवार करते हुए 328 अंक की छलांग लगाई और 82,500 के पार बंद हुआ, वहीं एनएसई निफ्टी ने भी मजबूती के साथ 104 अंकों की बढ़त दर्ज की और 25,285 के स्तर को पार किया। इस तेजी के साथ बाजार में निवेशकों की भावना एक बार फिर सकारात्मक होती दिखाई दी।
सुबह के सत्र में वैश्विक बाजारों से मिले कमजोर संकेतों के कारण सेंसेक्स और निफ्टी हल्की गिरावट के साथ खुले थे। लेकिन दोपहर के बाद बाजार में जबरदस्त खरीदारी देखने को मिली, खासकर बैंकिंग, ऑटो और आईटी सेक्टर में निवेशकों की रुचि बढ़ी। निफ्टी बैंक में करीब 0.8% की तेजी दर्ज की गई, जबकि आईटी इंडेक्स ने 1% से ज्यादा की छलांग लगाई।
रिलायंस इंडस्ट्रीज, एचडीएफसी बैंक, टीसीएस, इन्फोसिस, टाटा मोटर्स और मारुति सुजुकी जैसे दिग्गज शेयरों ने बाजार को मजबूती दी। वहीं, एचयूएल और नेस्ले इंडिया जैसे कुछ FMCG स्टॉक्स में हल्की गिरावट देखने को मिली, लेकिन समग्र बाजार की धारणा सकारात्मक रही।
शेयर बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि यह तेजी निवेशकों के विश्वास और मजबूत घरेलू आर्थिक बुनियाद की वजह से आई है। हाल के दिनों में जारी जीडीपी ग्रोथ और औद्योगिक उत्पादन के आंकड़ों ने बाजार को मजबूती दी है। साथ ही, वैश्विक बाजारों में अमेरिकी फेडरल रिजर्व के ब्याज दरों में स्थिरता बनाए रखने के संकेतों ने भी निवेशकों को राहत दी।
विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की खरीदारी में भी इजाफा देखने को मिला। बीते कुछ सत्रों में जहां वे बिकवाली कर रहे थे, वहीं शुक्रवार को उन्होंने भारतीय इक्विटीज में बड़ी मात्रा में पूंजी लगाई। घरेलू निवेशकों (DII) ने भी खरीदारी में साथ दिया, जिससे बाजार का माहौल तेजी की ओर मुड़ गया।
बीएसई मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स में भी तेजी देखी गई। मिडकैप इंडेक्स में 0.6% और स्मॉलकैप इंडेक्स में 0.8% की बढ़त रही। छोटे और मझोले शेयरों में निवेशकों की दिलचस्पी बढ़ने से बाजार का समग्र मूड उत्साहित नजर आया।
विशेषज्ञों का कहना है कि बाजार में यह तेजी केवल एक दिन की नहीं बल्कि एक मजबूत अपट्रेंड की शुरुआत हो सकती है। पिछले कुछ दिनों से बाजार 25,000 के आसपास झूल रहा था, लेकिन अब निफ्टी ने इस स्तर को पार कर एक नया संकेत दिया है कि निकट भविष्य में यह 25,500 से 25,700 के स्तर को भी छू सकता है।
इसके अलावा, वैश्विक बाजारों से भी सकारात्मक संकेत मिले हैं। अमेरिकी डॉव जोन्स, नैस्डैक और एसएंडपी 500 में भी हल्की बढ़त दर्ज की गई है। यूरोप और एशिया के प्रमुख बाजारों में भी तेजी का माहौल रहा। खासकर चीन की अर्थव्यवस्था में सुधार और जापान के निर्यात डेटा में उछाल ने एशियाई बाजारों को मजबूती दी, जिसका असर भारतीय बाजारों पर भी देखने को मिला।
रुपया भी आज डॉलर के मुकाबले स्थिर रहा, जो विदेशी निवेशकों के भरोसे को मजबूत करता है। वहीं, क्रूड ऑयल की कीमतें भी 84 डॉलर प्रति बैरल के आसपास बनी हुई हैं, जिससे भारत जैसे आयातक देश को राहत मिल रही है।
बाजार विश्लेषकों के अनुसार, आने वाले दिनों में कॉर्पोरेट अर्निंग सीजन की शुरुआत होने वाली है। निवेशक अब आईटी कंपनियों, बैंकों और ऑटो सेक्टर के नतीजों पर नजर रखे हुए हैं। अगर नतीजे उम्मीद के मुताबिक रहे, तो बाजार में और तेजी देखने को मिल सकती है।
एक्सपर्ट्स का कहना है कि इस समय निवेशकों को शॉर्ट टर्म ट्रेडिंग के बजाय लॉन्ग टर्म इन्वेस्टमेंट पर ध्यान देना चाहिए। बैंकिंग, ऑटो, फार्मा और एनर्जी सेक्टर आने वाले महीनों में अच्छे रिटर्न दे सकते हैं। वहीं, वोलाटिलिटी से बचने के लिए निवेशकों को गुणवत्ता वाले शेयरों में ही निवेश करने की सलाह दी गई है।
शेयर बाजार के इस शानदार प्रदर्शन के बाद निवेशकों की संपत्ति में भारी बढ़ोतरी हुई है। बीएसई में सूचीबद्ध कंपनियों का कुल बाजार पूंजीकरण बढ़कर 4.4 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो गया है। यह पिछले सप्ताह की तुलना में लगभग 0.8% अधिक है।
दिन के अंत में निवेशकों के चेहरों पर संतोष और राहत का भाव देखने को मिला। शुरुआती गिरावट के बाद जिस तरह बाजार ने वापसी की, उसने इस बात का संकेत दिया कि भारतीय इक्विटी मार्केट अब ग्लोबल अनिश्चितताओं से उबरने की क्षमता रखता है।
वहीं, विशेषज्ञों का यह भी मानना है कि अगले सप्ताह बाजार की दिशा अमेरिका के मुद्रास्फीति आंकड़ों और आईटी कंपनियों के तिमाही नतीजों पर निर्भर करेगी। यदि ग्लोबल फैक्टर्स स्थिर रहते हैं, तो निफ्टी 25,500 के ऊपर स्थायित्व दिखा सकता है।
कुल मिलाकर, शुक्रवार का सत्र निवेशकों के लिए एक सकारात्मक संकेत लेकर आया है। बाजार ने दिखा दिया है कि मजबूत घरेलू अर्थव्यवस्था, एफआईआई की वापसी और कॉर्पोरेट आय में सुधार के बीच भारतीय इक्विटी मार्केट अभी भी बुलिश ट्रेंड में है।
आने वाले हफ्तों में अगर आर्थिक आंकड़े और कॉर्पोरेट नतीजे अनुकूल रहे, तो सेंसेक्स और निफ्टी दोनों नए रिकॉर्ड स्तरों को छू सकते हैं। फिलहाल, बाजार की यह तेजी निवेशकों के आत्मविश्वास का प्रमाण है कि भारत की अर्थव्यवस्था आने वाले महीनों में और मजबूत होगी।






