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मुंबई में वायु गुणवत्ता लगातार गिरने के बाद हालात चिंताजनक स्तर पर पहुंच गए हैं। हवा की गुणवत्ता ‘बहुत खराब’ श्रेणी में दर्ज होने के चलते प्रशासन ने तुरंत प्रभाव से GRAP-4 (Graded Response Action Plan – Stage 4) लागू कर दिया है। यह प्रदूषण नियंत्रण का सबसे सख्त स्तर है, जिसके लागू होते ही शहर में कई गतिविधियों पर तत्काल प्रतिबंध लगा दिया गया है। अधिकारियों का कहना है कि यदि अभी निर्णायक कदम नहीं उठाए गए, तो प्रदूषण का स्तर स्वास्थ्य के लिए और खतरनाक हो सकता है।
GRAP-4 लागू होने के बाद सबसे बड़ा असर मुंबई में चल रहे निर्माण कार्यों पर पड़ा है। धूल और प्रदूषण फैलाने वाले सभी निर्माण से जुड़े कामों को रोकने का आदेश जारी किया गया है। प्रशासन ने बताया कि मेगा प्रोजेक्ट्स, सड़क निर्माण, खुदाई कार्य, कंक्रीट मिक्सिंग सहित हर तरह की धूल उत्सर्जन वाली गतिविधियां अब पूरी तरह से बंद रखी जाएंगी। सरकारी और निजी दोनों क्षेत्रों को इन निर्देशों का कड़ाई से पालन करने को कहा गया है। पर्यावरण विभाग ने टीमों को भी तैनात किया है जो शहरभर में रियल-टाइम निरीक्षण करेंगी और किसी भी उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
इसके अलावा GRAP-4 के तहत भारी वाहनों की आवाजाही पर भी तुरंत रोक लगा दी गई है। ट्रक, डंपर और बड़े वाणिज्यिक वाहनों को अब शहर की सीमा में प्रवेश नहीं मिलेगा। केवल आवश्यक सेवाओं से जुड़े वाहन, जैसे मेडिकल सप्लाई, खाद्य परिवहन और आपातकालीन उपयोग वाले ट्रक ही प्रतिबंध से बाहर रहेंगे। अधिकारियों के अनुसार, भारी वाहनों से निकलने वाला धुआँ और उनके कारण बढ़ने वाला ट्रैफ़िक जाम प्रदूषण को और गंभीर बनाता है, इसलिए यह निर्णय लेना अनिवार्य हो गया था।
वायु प्रदूषण विशेषज्ञों का मानना है कि पिछले कुछ दिनों से मौसम में बदलाव, हवा की गति में कमी और निर्माण गतिविधियों में बढ़ोतरी के कारण मुंबई का AQI तेजी से खराब हुआ है। मुंबई जैसे तटीय शहर में आमतौर पर हवा का प्रवाह बेहतर रहता है, लेकिन वर्तमान परिस्थितियों में हवा का ठहराव प्रदूषण को सतह के पास जमाए हुए है। इससे न सिर्फ दृश्यता प्रभावित हो रही है, बल्कि हवा में मौजूद सूक्ष्म कण लोगों की सेहत को खतरे में डाल रहे हैं।
चिकित्सकों ने चेतावनी दी है कि ऐसे हालात में सांस, एलर्जी, अस्थमा, हृदय रोग और आंखों में जलन जैसी समस्याएं बढ़ सकती हैं। स्कूलों और कॉलेजों को भी सतर्क रहने को कहा गया है और बच्चों को बाहरी गतिविधियाँ सीमित करने की सलाह दी जा रही है। आम नागरिकों को मास्क पहनने, बाहर कम समय बिताने और घरों में वेंटिलेशन नियंत्रण में रखने की सलाह दी जा रही है।
मुंबई प्रशासन का कहना है कि GRAP-4 लागू रहना एक अस्थायी लेकिन आवश्यक कदम है। हालात में सुधार होते ही प्रतिबंधों में ढील दी जाएगी। फिलहाल सभी सरकारी एजेंसियां मिलकर प्रदूषण का स्तर कम करने और शहर में सामान्य स्थिति बहाल करने की दिशा में काम कर रही हैं।
मुंबईवासियों की उम्मीद अब यही है कि इन कड़े उपायों के बाद वायु गुणवत्ता में जल्द सुधार दिखाई दे, ताकि शहर फिर सामान्य गति से चल सके।








