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NASA के Earth Observatory ने 8 जनवरी 2026 को एक अद्वितीय तस्वीर जारी की है, जिसमें हिमखंड A‑23A का सतह पर जमा पिघलता पानी (meltwater) नीले रंग में दिखाई दे रहा है। इस हिमखंड का सफर लगभग 40 वर्षों से जारी है, लेकिन अब यह समग्र रूप से घटते आकार और गीले पिघलते पानी के साथ टूटने के क़रीब है।
40 वर्ष पुराना हिमखंड अब छोटा
यह विशाल हिमखंड मूल रूप से 1986 में Antarctica के Filchner Ice Shelf से अलग हुआ था और उस समय इसका क्षेत्रफल लगभग 4,000 वर्ग किलोमीटर था — जो Rhode Island से भी बड़ा था। दिसंबर 2025 में लिया गया उपग्रह डेटा बताता है कि अब इसका क्षेत्रफल लगभग 1,182 वर्ग किलोमीटर रह गया है, जो आज भी New York City से बड़ा है।
नीले रंग का कारण क्या है?
NASA के MODIS उपग्रह से ली गई तस्वीर में हिमखंड की सतह पर नीले रंग का पिघलता पानी स्पष्ट दिखता है — ये “blue‑mush” क्षेत्र उस पानी का परिणाम हैं जो जमने के बाद पिघलने के दौरान क्रैक में भर जाता है। वैज्ञानिकों के अनुसार, पानी का भार क्रैक को और अधिक फैलाता है और इससे हिमखंड की सतह पर नीले रंग के पोखर बनते हैं।
हिमखंड की सतह पर कुछ क्षेत्रों में पतली सफ़ेद रेखाएँ भी देखी जा सकती हैं, जो किनारों पर पानी के मिलकर बनने के संरचनात्मक प्रभाव को दर्शाती हैं।
क्या यह हिमखंड जल्दी टूट सकता है?
वैज्ञानिकों का कहना है कि इस प्रकार के पिघलते पानी और सतह के टूटने के संकेत यह बताते हैं कि हिमखंड जल्द ही पूरी तरह से टूट सकता है। यह दक्षिणी अटलांटिक के उन हिस्सों में है जहाँ गर्मी हवा और पानी के तापमान के कारण बर्फ तेजी से खोती है — ऐसे क्षेत्र को Iceberg “graveyard” भी कहा जाता है।
क्यों यह अध्ययन महत्वपूर्ण है?
इस हिमखंड का ज़मीन से टकराकर विखंडित होना और नीले meltwater का दिखना वैज्ञानिकों को ग्लेशियर और समुद्र बर्फ के पिघलने की प्रक्रियाओं को समझने में मदद करता है — खासकर वैश्विक तापमान में वृद्धि के परिदृश्य में।








