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Uttar Pradesh। प्रदेश में हुए हालिया प्रशासनिक फेरबदल के बाद किंजल सिंह का तबादला चर्चा का विषय बन गया है। 2008 बैच की इस वरिष्ठ आईएएस अधिकारी को परिवहन आयुक्त पद से हटाकर माध्यमिक शिक्षा विभाग का सचिव बनाया गया है।
यह बदलाव Yogi Adityanath सरकार द्वारा किए गए बड़े प्रशासनिक फेरबदल का हिस्सा है, जिसमें करीब 40 आईएएस अधिकारियों के तबादले किए गए हैं। इस फेरबदल में कई जिलों के जिलाधिकारी (DM) भी बदले गए हैं।
जानकारी के अनुसार, किंजल सिंह को 16 सितंबर 2025 को परिवहन आयुक्त नियुक्त किया गया था। अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने ओवरलोडिंग के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए कई परिवहन अधिकारियों और कर्मचारियों को निलंबित किया था। उनके इस कड़े रुख की प्रशासनिक स्तर पर चर्चा भी हुई।
हालांकि, सूत्रों के मुताबिक परिवहन विभाग में कार्यशैली और नीतिगत फैसलों को लेकर उनका तालमेल परिवहन मंत्री Dayashankar Singh के साथ पूरी तरह नहीं बैठ पाया। बताया जा रहा है कि विभागीय निर्णयों और कार्रवाई को लेकर दोनों के बीच मतभेद सामने आए, जिससे स्थिति जटिल होती गई।
प्रशासनिक हलकों में यह भी चर्चा है कि बिना समन्वय के लिए गए कुछ कड़े फैसलों ने इस टकराव को और बढ़ाया। हालांकि, आधिकारिक रूप से इसे सामान्य प्रशासनिक प्रक्रिया का हिस्सा ही बताया जा रहा है।
किंजल सिंह का प्रशासनिक अनुभव काफी व्यापक रहा है। वे बलिया जिले की निवासी हैं और बहरीच, लखीमपुर खीरी, सीतापुर तथा अयोध्या जैसे जिलों में जिलाधिकारी (DM) के रूप में कार्य कर चुकी हैं। इसके अलावा वे चिकित्सा शिक्षा विभाग में भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभा चुकी हैं।
उनके स्थान पर 2010 बैच के आईएएस अधिकारी Ashutosh Niranjan को परिवहन आयुक्त नियुक्त किया गया है, जो केंद्रीय प्रतिनियुक्ति से लौटे हैं।
किंजल सिंह का यह तबादला कई कारणों से चर्चा में है, जिसमें उनका छोटा कार्यकाल, विभागीय सख्ती और मंत्री स्तर पर मतभेद की चर्चाएं शामिल हैं। हालांकि, सरकार की ओर से इसे नियमित प्रशासनिक बदलाव के रूप में ही प्रस्तुत किया गया है।
इस पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर प्रशासनिक तंत्र में तालमेल और कार्यशैली को लेकर बहस को जन्म दे दिया है।








