इस खबर को सुनने के लिये प्ले बटन को दबाएं।

रणजीत कुमार | जहानाबाद, बिहार | समाचार वाणी न्यूज़
जहानाबाद में जिला विधिक सेवा प्राधिकार (DLSA) के नवपदस्थापित सचिव बृजेश कुमार ने गुरुवार को काको मंडल कारा का विस्तृत निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने बंदियों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याओं को समझा और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
बंदियों को न्याय से वंचित न करने के निर्देश
निरीक्षण के दौरान सचिव ने स्पष्ट रूप से कहा कि आर्थिक अभाव के कारण किसी भी बंदी को न्याय से वंचित नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी बंदियों को न्यायालयीन प्रक्रिया के लिए योग्य अधिवक्ता उपलब्ध कराए जाएं और निःशुल्क विधिक सहायता योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू किया जाए।
उन्होंने यह भी कहा कि कानूनी सहायता योजनाओं का लाभ हर जरूरतमंद तक पहुंचे, इसके लिए जागरूकता बढ़ाना बेहद जरूरी है।
रसोईघर और भोजन व्यवस्था की जांच
सचिव ने कारा के रसोईघर का निरीक्षण कर भोजन की गुणवत्ता, स्वच्छता और पोषण स्तर का जायजा लिया। उन्होंने निर्देश दिया कि बंदियों को स्वच्छ, संतुलित और पौष्टिक भोजन नियमित रूप से उपलब्ध कराया जाए।
स्वास्थ्य सुविधाओं में सुधार पर जोर
कारा अस्पताल का निरीक्षण करते हुए उन्होंने चिकित्सा सेवाओं की स्थिति की समीक्षा की और आवश्यक सुधार के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बंदियों को समय पर और बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिलना उनकी मूल जरूरत है, जिसे किसी भी स्थिति में नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए।
महिला वार्ड का निरीक्षण
महिला वार्ड के निरीक्षण के दौरान सचिव ने महिला बंदियों की स्थिति का अवलोकन किया। साथ ही उन्होंने उन बच्चों के बारे में भी जानकारी ली, जो अपनी माताओं के साथ जेल में रह रहे हैं।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि इन बच्चों की शिक्षा, पोषण और समुचित देखभाल सुनिश्चित की जाए, ताकि उनका भविष्य प्रभावित न हो।
विधिक सहायता योजनाओं के प्रचार पर जोर
निरीक्षण के दौरान सचिव ने विशेष रूप से निःशुल्क विधिक सहायता योजनाओं के व्यापक प्रचार-प्रसार पर बल दिया। उनका मानना है कि समाज के हर वर्ग तक न्याय की पहुंच सुनिश्चित करने के लिए इन योजनाओं की जानकारी आम लोगों तक पहुंचाना बेहद आवश्यक है।
यह निरीक्षण न केवल जेल प्रशासन की कार्यप्रणाली को बेहतर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, बल्कि यह भी सुनिश्चित करता है कि बंदियों के अधिकारों की रक्षा हो और उन्हें न्याय पाने के समान अवसर मिलें।








