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पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के बाद जारी हिंसा के बीच बीजेपी नेता एवं विपक्ष के नेता सुवेंदु अधिकारी के निजी सहायक (PA) चंद्रनाथ रथ की गोली मारकर हत्या किए जाने से राज्य की राजनीति में हड़कंप मच गया है। घटना को 10 घंटे से अधिक समय बीत जाने के बावजूद पुलिस अभी तक हमलावरों तक नहीं पहुंच सकी है।
जानकारी के अनुसार, बुधवार रात करीब 10:15 बजे उत्तर 24 परगना जिले के मध्यमग्राम स्थित दोहरिया इलाके में बाइक सवार हमलावरों ने चंद्रनाथ रथ की स्कॉर्पियो गाड़ी को निशाना बनाया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, पहले एक छोटी कार ने उनकी गाड़ी को रोका, जिसके बाद बाइक पर पहुंचे बदमाशों ने बेहद करीब से ताबड़तोड़ फायरिंग की।
हमले में चंद्रनाथ रथ को सीने और पेट में गोलियां लगीं। गंभीर हालत में उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। उनके ड्राइवर बुद्धदेव बेर भी गोली लगने से घायल हुए हैं और उनका इलाज जारी है।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, हमले में विदेशी पिस्टल, संभवतः ऑस्ट्रियन ग्लॉक का इस्तेमाल किया गया। घटनास्थल से कारतूस बरामद किए गए हैं। हमले में इस्तेमाल की गई संदिग्ध कार भी पुलिस ने जब्त कर ली है, जिसकी नंबर प्लेट कथित तौर पर फर्जी बताई जा रही है।
DGP सिद्धनाथ गुप्ता ने बताया कि फॉरेंसिक टीम ने मौके से साक्ष्य जुटाए हैं और आसपास के CCTV फुटेज खंगाले जा रहे हैं। पुलिस हमलावरों की पहचान और घटना की साजिश का पता लगाने में जुटी हुई है।
घटना के बाद बीजेपी ने इसे “टारगेट किलिंग” करार दिया है। सुवेंदु अधिकारी ने कहा कि हमलावरों ने पहले रेकी की थी और यह एक सुनियोजित हमला प्रतीत होता है। हालांकि उन्होंने किसी संगठन का नाम लेने से इनकार करते हुए पार्टी कार्यकर्ताओं से कानून हाथ में न लेने की अपील की।
वहीं, तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने भी हत्या की निंदा करते हुए कोर्ट की निगरानी में CBI जांच की मांग की है। पार्टी का कहना है कि चुनाव बाद हिंसा में उसके कार्यकर्ताओं को भी निशाना बनाया गया है।
फिलहाल पूरे मामले की जांच तेज कर दी गई है और राजनीतिक बयानबाजी के बीच राज्य का माहौल तनावपूर्ण बना हुआ है।








