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पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और ऊर्जा संकट की आशंकाओं के बीच प्रधानमंत्री Narendra Modi द्वारा इंधन बचत और स्वदेशी अपनाने की अपील के बाद महाराष्ट्र सरकार ने बड़े स्तर पर सख्ती शुरू कर दी है। Devendra Fadnavis के नेतृत्व में राज्य सरकार ने नई नियमावली जारी करते हुए कई अहम फैसले लिए हैं।
राज्य सरकार द्वारा जारी परिपत्र के अनुसार मुख्यमंत्री और सभी मंत्रियों के काफिलों में शामिल वाहनों की संख्या तत्काल प्रभाव से 50 प्रतिशत कम कर दी गई है। साथ ही मंत्रियों और वरिष्ठ अधिकारियों के सभी प्रस्तावित विदेश दौरे रद्द कर दिए गए हैं। सरकार ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि आगे नए विदेशी दौरों की योजना भी न बनाई जाए।
सरकारी खर्च कम करने और ईंधन की बचत के उद्देश्य से मंत्रियों और अधिकारियों को विशेष विमान या हेलिकॉप्टर के बजाय नियमित विमान सेवाओं का उपयोग करने को कहा गया है। इसके अलावा, सप्ताह में कम से कम एक दिन मेट्रो, लोकल ट्रेन या सार्वजनिक बस से यात्रा करना वरिष्ठ अधिकारियों और मंत्रियों के लिए अनिवार्य किया गया है।
सरकार ने अधिकारियों और कर्मचारियों को कारपूलिंग तथा सार्वजनिक परिवहन के अधिक उपयोग के निर्देश भी दिए हैं। इसके साथ ही सरकारी बैठकों, प्रशिक्षण कार्यक्रमों और चर्चाओं को अधिकतम ऑनलाइन या वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित करने पर जोर दिया गया है।
ऊर्जा बचत को ध्यान में रखते हुए कार्यालय समय समाप्त होने के बाद पंखे, लाइट, कंप्यूटर और एयर कंडीशनर बंद रखने के निर्देश जारी किए गए हैं। एयर कंडीशनर का तापमान 24 से 26 डिग्री सेल्सियस के बीच रखना अनिवार्य किया गया है।
नई गाइडलाइन में इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने का भी फैसला लिया गया है। सरकारी उपयोग के लिए किराए पर लिए जाने वाले वाहनों में इलेक्ट्रिक वाहनों को प्राथमिकता दी जाएगी। साथ ही इलेक्ट्रिक चार्जिंग स्टेशनों के प्रस्तावों को तेजी से मंजूरी देने के निर्देश दिए गए हैं।
सरकार ने होटल, कैंटीन और छात्रावासों को खाद्य तेल की खपत कम करने के लिए मेन्यू में बदलाव करने की सलाह दी है। वहीं, होर्डिंग और फ्लेक्स पर अनावश्यक सजावटी लाइटों के उपयोग पर रोक लगाने के निर्देश भी जारी किए गए हैं।
राज्य सरकार का मानना है कि इन फैसलों से सरकारी खर्च में कमी आने के साथ-साथ ऊर्जा संरक्षण और पर्यावरण सुरक्षा को भी बढ़ावा मिलेगा। मुख्यमंत्री फडणवीस ने खुद से इन नियमों को लागू कर प्रशासनिक अनुशासन और जिम्मेदारी का संदेश देने की कोशिश की है।








