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चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) का आईपीएल 2025 सीजन टीम के इतिहास के सबसे निराशाजनक वर्षों में से एक रहा। टीम अंकतालिका में सबसे निचले स्थान पर रही और कई प्रमुख खिलाड़ियों का प्रदर्शन उम्मीदों पर खरा नहीं उतरा।
अब जब आईपीएल 2026 मिनी ऑक्शन नजदीक आ रहा है, तो फ्रेंचाइज़ी के प्रबंधन ने टीम के पुनर्गठन की तैयारी शुरू कर दी है।
यह पुनर्गठन सिर्फ खिलाड़ियों को बदलने का मामला नहीं है, बल्कि CSK के पूरे संतुलन और भविष्य की दिशा तय करने का कदम है। टीम अब एक संतुलित, युवा और आधुनिक टी20 यूनिट बनाना चाहती है — जिसमें अनुभव और ऊर्जा दोनों का मेल हो।
फ्रेंचाइज़ी अब किसी भावनात्मक फैसले की बजाय पूरी तरह गणनात्मक (Calculated) रणनीति अपनाने जा रही है।
टीम की योजना है कि वह अपनी “कोर स्ट्रेंथ” यानी मुख्य खिलाड़ियों को बनाए रखते हुए बाकी हिस्सों में बदलाव करे, ताकि आने वाले वर्षों के लिए आर्थिक और प्रतिस्पर्धी संतुलन दोनों बनाए रखा जा सके।
CSK का जोर होगा कि वह अपने भारतीय खिलाड़ियों के कोर समूह को बरकरार रखे और विदेशी खिलाड़ियों में “बड़े नाम” नहीं बल्कि “बड़े असर” वाले खिलाड़ियों को शामिल करे।
CSK की संभावित रिटेंशन लिस्ट की शुरुआत होगी टीम के दो सबसे भरोसेमंद चेहरों से —
रुतुराज गायकवाड़ और रविंद्र जडेजा।
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गायकवाड़ को टीम का दीर्घकालिक कप्तान माना जा रहा है। उनकी शांत नेतृत्व शैली और स्थिर बल्लेबाजी CSK की नई पहचान हो सकती है।
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वहीं जडेजा, अपने तीनों कौशलों (बल्लेबाजी, गेंदबाजी और फील्डिंग) के चलते अब भी टीम के “ऑलराउंड इंजन” बने हुए हैं।
CSK के लिए शिवम दुबे का नाम रिटेंशन लिस्ट में लगभग तय है।
उनकी स्पिन गेंदबाजों के खिलाफ बल्लेबाजी, स्ट्राइक रेट और मध्य ओवर्स में मैच पलटने की क्षमता उन्हें बेहद उपयोगी बनाती है।
CSK के थिंक टैंक के अनुसार, दुबे जैसे खिलाड़ी आधुनिक टी20 क्रिकेट के लिए “गेम फ्लो चेंजर” साबित होते हैं।
चेन्नई अब अपने भारतीय गेंदबाजों को लंबा मौका देना चाहती है।
खलील अहमद, अनशुल कम्बोज, और मुकेश चौधरी जैसे गेंदबाजों को रिटेन किया जा सकता है।
ये खिलाड़ी न केवल भारतीय परिस्थितियों में उपयोगी हैं, बल्कि भविष्य के लिए निवेश भी माने जा रहे हैं।
CSK की विदेशी नीति इस बार पूरी तरह बदली हुई दिखेगी।
टीम अब बड़े नामों से ज्यादा उन खिलाड़ियों को प्राथमिकता देगी जो मैच-विनर साबित हो सकते हैं।
रिटेंशन लिस्ट में मथीशा पथिराना और नूर अहमद को लगभग निश्चित माना जा रहा है।
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पथिराना की अनूठी डेथ बॉलिंग स्टाइल टीम के लिए बेजोड़ हथियार है।
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वहीं नूर अहमद की लेफ्ट आर्म रिस्ट स्पिन किसी भी टीम के लिए सिरदर्द बन सकती है।
इसके साथ, रचिन रविंद्र को उनकी लचीलापन भरी बल्लेबाजी और पार्ट-टाइम गेंदबाजी के कारण बरकरार रखने की योजना है।
डेवाल्ड ब्रेविस और आयुष मत्रे को टीम भविष्य के विस्फोटक बल्लेबाजों के रूप में देख रही है।
भले ही धोनी की उम्र और खेलने की क्षमता पर चर्चा हो, लेकिन CSK के लिए उनका रिटेंशन अब भी अनिवार्य है।
करीब ₹4 करोड़ की कीमत पर उन्हें टीम में बनाए रखने का फैसला केवल उनके प्रदर्शन के लिए नहीं, बल्कि उनके अनुभव और रणनीतिक समझ के कारण होगा।
धोनी की कप्तानी, फील्ड पोजिशनिंग और दबाव में शांत रहने की कला अब भी टीम को दिशा देती है।
वह अब “खिलाड़ी” से ज्यादा मेंटॉर-लीडर के रूप में भूमिका निभाएंगे।
CSK अब अपने भविष्य के लिए किफायती भारतीय प्रतिभाओं को भी संजो रही है।
शेख राशिद, उर्विल पटेल, और आंद्रे सिद्धार्थ जैसे खिलाड़ी टीम के लिए लंबे समय तक उपयोगी हो सकते हैं।
ये खिलाड़ी न केवल टीम की गहराई बढ़ाते हैं बल्कि घरेलू टैलेंट की कमी पूरी करने में मदद करेंगे।
टीम के पुनर्गठन के तहत कुछ बड़े नामों को रिलीज़ करने की योजना है।
इसमें शामिल हैं —
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डेवॉन कॉनवे – स्थिर बल्लेबाजी के बावजूद टीम अब टॉप ऑर्डर में नए संयोजन चाहती है।
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सैम करन – टीम अब ऑलराउंडर स्लॉट में जडेजा पर निर्भर है, जिससे करन की जगह सीमित हो गई है।
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राहुल त्रिपाठी, दीपक हुड्डा, और विजय शंकर – पिछले सीजन में इनका योगदान निराशाजनक रहा।
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इसके अलावा गुरजपनीत सिंह, जेमी ओवरटन, श्रेयस गोपाल, कमलेश नागरकोटी, और वंश बेदी को भी रिलीज़ किया जा सकता है।
इसके अलावा, रविचंद्रन अश्विन के रिटायरमेंट से लगभग ₹9.75 करोड़ का पर्स वापस टीम के पास आएगा, जिससे 2026 ऑक्शन में उन्हें बजट लाभ मिलेगा।
CSK लगभग 16 खिलाड़ियों को रिटेन करने की योजना बना रही है।
इस पर लगभग ₹89 करोड़ खर्च होंगे, जिससे टीम के पास ₹31 करोड़ बचेगा (यदि कुल पर्स ₹36 करोड़ और अतिरिक्त ₹5 करोड़ कैप माना जाए)।
इन पैसों से CSK एक भारतीय टॉप ऑर्डर बल्लेबाज, एक गुणवत्ता वाले विदेशी तेज गेंदबाज, और एक दीर्घकालिक विकेटकीपर-बल्लेबाज को लक्ष्य बना सकती है।
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रुतुराज गायकवाड़
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रविंद्र जडेजा
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एमएस धोनी
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मथीशा पथिराना
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नूर अहमद
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शिवम दुबे
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नाथन एलिस
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डेवाल्ड ब्रेविस
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रचिन रविंद्र
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आयुष मत्रे
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उर्विल पटेल
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आंद्रे सिद्धार्थ
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खलील अहमद
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मुकेश चौधरी
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अनशुल कम्बोज
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शेख राशिद
CSK के लिए IPL 2026 एक नया अध्याय है —
यह टीम अब “धोनी युग” से “पोस्ट-धोनी युग” की ओर बढ़ रही है।
टीम की रणनीति अब स्पष्ट है:
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अनुभवी भारतीय कोर बनाए रखना
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युवा टैलेंट पर भरोसा
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विदेशी खिलाड़ियों में एक्स-फैक्टर की खोज
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और नेतृत्व में नई सोच
अगर यह संतुलन बना रहा, तो चेन्नई सुपर किंग्स एक बार फिर आईपीएल 2026 में अपनी “येलो आर्मी” की ताकत के साथ वापसी कर सकती है।







