• Create News
  • ▶ Play Radio
  • बीजेपी को कब मिलेगा नया राष्ट्रीय अध्यक्ष? रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने किया बड़ा ऐलान

    इस खबर को सुनने के लिये प्ले बटन को दबाएं।

    भारतीय जनता पार्टी के अगले राष्ट्रीय अध्यक्ष को लेकर लंबे समय से चल रही अटकलों पर अब रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने विराम लगा दिया है। उन्होंने स्पष्ट कहा है कि बिहार विधानसभा चुनाव समाप्त होने के बाद पार्टी को नया राष्ट्रीय अध्यक्ष मिलेगा। राजनाथ सिंह ने एक समाचार चैनल को दिए इंटरव्यू में यह जानकारी दी और साथ ही यह भी कहा कि बीजेपी में किसी तरह की अंदरूनी कलह नहीं है।

    राजनाथ सिंह ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी एक अनुशासित और विचार आधारित पार्टी है, जहां निर्णय संगठनात्मक प्रक्रिया के तहत लिए जाते हैं। उन्होंने बताया कि पार्टी अध्यक्ष के चयन की प्रक्रिया पहले से तय है और बिहार चुनाव के बाद इस पर औपचारिक घोषणा की जाएगी। वर्तमान में जगत प्रकाश नड्डा पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं, जिनका कार्यकाल बढ़ाया गया था ताकि संगठन बिहार सहित कई महत्वपूर्ण चुनावों पर ध्यान केंद्रित रख सके।

    इस दौरान जब उनसे पार्टी के भीतर मतभेदों की चर्चा को लेकर सवाल पूछा गया, तो उन्होंने सख्त लहजे में कहा कि “पार्टी में किसी तरह की गुटबाजी या अंदरूनी कलह नहीं है। भारतीय जनता पार्टी एक परिवार की तरह काम करती है और हम सबका लक्ष्य एक ही है—देश की प्रगति।”

    राजनाथ सिंह ने इस बातचीत में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की भूमिका पर भी खुलकर बात की। उन्होंने कहा कि “RSS का राजनीति से कोई सीधा संबंध नहीं है। संघ केवल देशभक्ति, सेवा और नैतिकता का पाठ सिखाता है। पार्टी अपने राजनीतिक निर्णय स्वतंत्र रूप से लेती है।” उनके इस बयान को राजनीतिक हलकों में बीजेपी और संघ के रिश्तों को स्पष्ट रूप से परिभाषित करने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।

    रक्षा मंत्री ने बिहार विधानसभा चुनाव पर भी अपना भरोसा जताया और कहा कि “जनता का रुझान साफ दिखा रहा है कि NDA फिर से सत्ता में लौटेगा। इस बार दो-तिहाई बहुमत से सरकार बनने की पूरी संभावना है।” उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि मुख्यमंत्री पद को लेकर कोई असमंजस नहीं है और नीतीश कुमार ही मुख्यमंत्री पद के चेहरा बने रहेंगे।

    उन्होंने कहा कि “बिहार में एनडीए एकजुट है। भाजपा और जनता दल (यूनाइटेड) मिलकर चुनाव लड़ रहे हैं और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में ही यह चुनाव लड़ा जा रहा है। जनता ने हमारे काम को देखा है और विश्वास किया है।”

    बिहार विधानसभा चुनाव दो चरणों में हो रहे हैं — पहला चरण 6 नवंबर को संपन्न हुआ और दूसरा चरण 11 नवंबर को होगा। नतीजों की घोषणा 14 नवंबर को की जाएगी। चुनावी माहौल में बीजेपी और एनडीए के इस आत्मविश्वास को राजनीतिक विश्लेषक इस बात से जोड़कर देख रहे हैं कि केंद्र और राज्य दोनों स्तरों पर सरकार की कार्यशैली और जनता से जुड़ाव पर लगातार जोर दिया जा रहा है।

    राजनाथ सिंह ने इस बातचीत में संगठन की मजबूती और नेतृत्व परिवर्तन की प्रक्रिया को पूरी तरह स्वाभाविक बताया। उन्होंने कहा कि “बीजेपी में नेतृत्व परिवर्तन कोई असामान्य बात नहीं है। हमारी पार्टी में लोकतांत्रिक प्रक्रिया के तहत अध्यक्ष का चयन होता है। जो भी नया अध्यक्ष बनेगा, वह पार्टी के सिद्धांतों और दृष्टिकोण को आगे बढ़ाने का काम करेगा।”

    राजनाथ सिंह ने यह भी कहा कि भाजपा का मूल मंत्र ‘सेवा ही संगठन’ है और इसी भावना के साथ पार्टी आगे बढ़ती है। उन्होंने जोर देकर कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने देश के विकास और वैश्विक प्रतिष्ठा को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया है, और पार्टी संगठन भी उसी दिशा में निरंतर काम कर रहा है।

    विशेषज्ञों का मानना है कि राजनाथ सिंह का यह बयान पार्टी के भीतर और बाहर दोनों के लिए एक स्पष्ट संकेत है कि बीजेपी में नेतृत्व परिवर्तन की प्रक्रिया पूरी तरह तय समय पर होगी। इससे यह भी संकेत मिलता है कि बिहार चुनाव के बाद भाजपा संगठनात्मक स्तर पर नए सिरे से रणनीति तैयार करेगी, जिसमें 2026 के कई राज्य चुनावों और 2029 के लोकसभा चुनाव की तैयारी पर भी ध्यान केंद्रित रहेगा।

    राजनाथ सिंह का यह बयान ऐसे समय में आया है जब विपक्षी दल लगातार भाजपा पर नेतृत्व संकट और अंदरूनी असहमति के आरोप लगा रहे हैं। लेकिन रक्षा मंत्री के इस साफ-साफ बयान ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि भाजपा अपने संगठनात्मक अनुशासन और स्पष्ट नेतृत्व के कारण अन्य दलों से अलग पहचान रखती है।

    अब सबकी निगाहें बिहार चुनाव परिणाम और उसके बाद पार्टी द्वारा घोषित किए जाने वाले नए राष्ट्रीय अध्यक्ष पर टिकी हैं। राजनीतिक हलकों में यह चर्चा भी गर्म है कि भाजपा किसी युवा और ऊर्जावान नेता को संगठन की कमान सौंप सकती है, ताकि आने वाले चुनावों में पार्टी की रणनीति और भी मजबूत बन सके।

    राजनाथ सिंह के इस स्पष्ट बयान ने न केवल अटकलों पर विराम लगाया है बल्कि यह संदेश भी दिया है कि भारतीय जनता पार्टी अपने संगठनात्मक ढांचे और अनुशासन के साथ आगे बढ़ने के लिए पूरी तरह तैयार है।

  • Related Posts

    अमेरिका-ईरान डील के बाद बड़ा सवाल, सुप्रीम लीडर मुज्तबा खामेनेई अब भी अंडरग्राउंड, आखिर किसके हस्ताक्षर से हो रही है ऐतिहासिक संधि?

    इस खबर को सुनने के लिये प्ले बटन को दबाएं। लंबे समय से चले आ रहे तनाव के बाद अमेरिका और ईरान के बीच ऐतिहासिक समझौते का रास्ता साफ हो…

    Continue reading
    अभिषेक बनर्जी पर जांच एजेंसियों का शिकंजा, कभी CID तो कभी ED की पूछताछ, आज फिर पेशी

    इस खबर को सुनने के लिये प्ले बटन को दबाएं। पश्चिम बंगाल की राजनीति में उथल-पुथल के बीच तृणमूल कांग्रेस (TMC) के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी की मुश्किलें बढ़ती नजर…

    Continue reading

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *