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लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती के अवसर पर देशभर में एकता, अखंडता और राष्ट्रीय गर्व का संदेश देते हुए विभिन्न कार्यक्रम और यात्राएँ आयोजित की जा रही हैं। इसी कड़ी में राजस्थान की राजधानी जयपुर में एक महत्वपूर्ण आयोजन देखने को मिला, जब “यमुना प्रवाह बस यात्रा” को अमर जवान ज्योति से विधिवत हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। इस ऐतिहासिक क्षण का नेतृत्व स्वयं राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने किया।
इस विशेष आयोजन के दौरान भाजपा प्रदेश अध्यक्ष श्री मदन राठौर भी मौजूद रहे, जिनकी उपस्थिति ने कार्यक्रम के महत्व को और भी बढ़ा दिया। सरदार पटेल की दूरदृष्टि, नेतृत्व क्षमता और देश की एकता को मजबूत करने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका को याद करते हुए इस यात्रा को एक राष्ट्रीय अभियान के तौर पर देखा जा रहा है।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने इस अवसर पर कहा कि सरदार पटेल केवल एक नेता नहीं, बल्कि आधुनिक भारत के शिल्पकार थे, जिन्होंने 562 रियासतों को एक सूत्र में पिरोकर भारत को एक सशक्त, अखंड और एकजुट राष्ट्र के रूप में स्थापित किया। आज उनकी 150वीं जयंती पर निकाली जा रही यह यात्रा उनके आदर्शों, सिद्धांतों और एक भारत–श्रेष्ठ भारत के विचार को समर्पित है।
‘यमुना प्रवाह बस यात्रा’ का मार्ग भी अत्यंत महत्वपूर्ण है। यह यात्रा जयपुर से आरम्भ होकर पुष्कर, अजमेर, जैतारण, जोधपुर, पाली और माउंट आबू जैसे प्रमुख स्थलों से गुजरते हुए गुजरात के केवड़िया स्थित स्टैच्यू ऑफ यूनिटी तक पहुंचेगी। इस मार्ग का चयन सांस्कृतिक, आध्यात्मिक और ऐतिहासिक दृष्टि से विशेष महत्व रखता है। यात्रा के दौरान विभिन्न स्थानों पर स्थानीय नागरिकों, युवाओं और सामाजिक संगठनों के साथ संवाद कार्यक्रम भी प्रस्तावित हैं, जिनमें एकता और राष्ट्रवाद का संदेश व्यापक रूप से फैलाया जाएगा।
अमर जवान ज्योति से यात्रा का शुभारंभ होना भी प्रतीकात्मक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण है। यह स्थल वीर शहीदों के अमर बलिदान को समर्पित है, और इसी पवित्र स्थान से राष्ट्र की एकता और शक्ति का संदेश लेकर यह यात्रा आगे बढ़ी। इस अवसर पर बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक, पार्टी कार्यकर्ता, युवा और विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे, जिन्होंने “एक भारत, महान भारत” के संकल्प को दोहराया।
देशभर में चल रहे यूनिटी मार्च के तहत यह यात्रा सरदार पटेल के योगदान को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का माध्यम बनेगी। यात्रा आयोजकों का कहना है कि इसका उद्देश्य केवल सफर तय करना नहीं, बल्कि भारत की विविधता में एकता, सामाजिक सद्भाव और राष्ट्रहित सर्वोपरि की भावना को जन-जन तक पहुँचाना है।
केवड़िया स्थित स्टैच्यू ऑफ यूनिटी, जो विश्व की सबसे ऊंची प्रतिमा है, सरदार पटेल की विरासत और उनके अविस्मरणीय योगदान की प्रतिमूर्ति है। ‘यमुना प्रवाह बस यात्रा’ का समापन वहीं होना अपने आप में एक विशेष संदेश देता है—कि भारत की एकता की जड़ें जितनी गहरी हैं, उस पर गर्व भी उतना ही अडिग है।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने यह भी कहा कि “एक भारत, अखंड भारत — यही हमारे संकल्प का पथ है।” आज जब दुनिया भारत को एक उभरती वैश्विक शक्ति के रूप में देख रही है, तब देश के प्रत्येक नागरिक का यह दायित्व है कि वह एकता, सद्भाव और राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखते हुए आगे बढ़े। सरदार पटेल के जीवन से मिली प्रेरणा हमें यही सिखाती है कि जब राष्ट्र एकजुट होता है, तभी वह विश्व में नई ऊँचाइयाँ प्राप्त करता है।
कार्यक्रम में मौजूद भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौर ने भी कहा कि सरदार पटेल का जीवन युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत है। उनकी सादगी, कर्तव्यनिष्ठा और राष्ट्र के प्रति समर्पण भाव हमें सदैव मार्गदर्शन प्रदान करते हैं।
‘यमुना प्रवाह बस यात्रा’ केवल एक यात्रा नहीं, बल्कि एक जनआंदोलन बनती जा रही है—एक ऐसा अभियान जो भारत की आत्मा, उसकी विविधता और उसकी शक्ति को पुनः जगाने का प्रयास कर रहा है। जैसे-जैसे यह यात्रा विभिन्न शहरों और प्रदेशों से गुजरती हुई आगे बढ़ेगी, वैसे-वैसे देश की एकता का यह संदेश और भी व्यापक होगा।
अंततः, सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती पर यह यात्रा इस बात का संकेत है कि देश उनके योगदान को कभी नहीं भूलेगा। भारत की एकता में शक्ति है, और यही शक्ति हमें आज भी विश्व में विशिष्ट बनाती है।












