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आम आदमी पार्टी (AAP) के भीतर जारी तनातनी के बीच राज्यसभा सांसद Raghav Chadha ने एक बार फिर वीडियो जारी कर पार्टी द्वारा लगाए गए आरोपों पर विस्तार से जवाब दिया है। अपने वीडियो संदेश में चड्ढा ने कहा कि उनके खिलाफ एक “स्क्रिप्टेड और कोऑर्डिनेटेड कैंपेन” चलाया जा रहा है, जिसमें एक जैसी भाषा और आरोपों का इस्तेमाल किया जा रहा है।
राघव चड्ढा ने कहा कि शुरुआत में उन्होंने इन आरोपों का जवाब देना जरूरी नहीं समझा, लेकिन जब बार-बार एक ही बात दोहराई जाने लगी, तो उन्हें लगा कि सच्चाई सामने रखना जरूरी है। उन्होंने कहा कि अगर एक झूठ को बार-बार बोला जाए तो लोग उसे सच मान सकते हैं, इसलिए उन्होंने जवाब देना उचित समझा।
वॉकआउट वाले आरोप को बताया झूठ
चड्ढा ने सबसे पहले उस आरोप का जवाब दिया, जिसमें कहा गया था कि जब विपक्ष संसद से वॉकआउट करता है, तो वह सदन में ही बैठे रहते हैं। इस पर उन्होंने कहा कि यह “सफेद झूठ” है।
उन्होंने चुनौती देते हुए कहा कि अगर कोई एक भी दिन ऐसा साबित कर दे, जब विपक्ष वॉकआउट कर रहा हो और उन्होंने उसका साथ न दिया हो, तो वे जवाब देने को तैयार हैं। उन्होंने यह भी कहा कि संसद में लगे सीसीटीवी कैमरों से सच्चाई आसानी से सामने लाई जा सकती है।
CEC याचिका पर साइन न करने का मामला
दूसरे आरोप में कहा गया था कि उन्होंने चीफ इलेक्शन कमिश्नर (CEC) को हटाने वाली याचिका पर साइन करने से इनकार कर दिया था। इस पर भी राघव चड्ढा ने इसे पूरी तरह झूठ बताया।
उन्होंने कहा कि उन्हें कभी भी इस याचिका पर हस्ताक्षर करने के लिए औपचारिक या अनौपचारिक तौर पर नहीं कहा गया। उन्होंने यह भी बताया कि राज्यसभा में AAP के कुल 10 सांसद हैं, जिनमें से कई सांसदों ने इस प्रस्ताव पर साइन नहीं किए थे। ऐसे में सिर्फ उन्हें ही जिम्मेदार ठहराना गलत है।
चड्ढा ने यह भी स्पष्ट किया कि इस तरह के प्रस्ताव के लिए कुल 50 सांसदों के हस्ताक्षर जरूरी होते हैं और विपक्ष के पास पर्याप्त संख्या थी, इसलिए इस मुद्दे को बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया जा रहा है।
‘डर गए हैं’ वाले आरोप पर जवाब
तीसरे आरोप में कहा गया था कि राघव चड्ढा अब सरकार के खिलाफ बोलने से डरते हैं और छोटे-मोटे मुद्दे उठाते हैं। इस पर उन्होंने कहा कि वह संसद में शोर मचाने या हंगामा करने नहीं, बल्कि जनता के मुद्दे उठाने के लिए जाते हैं।
उन्होंने अपने चार साल के संसदीय कार्यकाल का हवाला देते हुए कहा कि उन्होंने जीएसटी, इनकम टैक्स, बेरोजगारी, महंगाई, दिल्ली की हवा, पंजाब के पानी, शिक्षा, स्वास्थ्य और रेलवे यात्रियों की समस्याओं जैसे कई अहम मुद्दे संसद में उठाए हैं।
चड्ढा ने कहा कि वह टैक्सपेयर्स के पैसे से चलने वाली संसद में उन्हीं के हितों की बात करने जाते हैं, न कि सिर्फ राजनीतिक बयानबाजी के लिए।
‘घायल हूं, इसलिए घातक हूं’ बयान
अपने वीडियो के अंत में राघव चड्ढा ने कहा, “मैं सिर्फ इतना कहना चाहता हूं कि जो लोग मुझ पर झूठे आरोप लगा रहे हैं, उनके हर झूठ को बेनकाब किया जाएगा। क्योंकि मैं घायल हूं, इसलिए घातक हूं।”
उनका यह बयान सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और इसे उनके राजनीतिक रुख के तौर पर देखा जा रहा है।
AAP में अंदरूनी कलह तेज
गौरतलब है कि हाल ही में आम आदमी पार्टी ने Raghav Chadha को राज्यसभा के डिप्टी लीडर पद से हटा दिया था। इसके बाद से पार्टी के भीतर मतभेदों की खबरें लगातार सामने आ रही हैं।
पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक Arvind Kejriwal और राघव चड्ढा के बीच संबंधों को लेकर भी अटकलें लगाई जा रही हैं। हालांकि, अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि यह विवाद आगे किस दिशा में जाएगा।
फिलहाल, राघव चड्ढा के इस वीडियो ने राजनीतिक माहौल को और गर्म कर दिया है। आने वाले दिनों में AAP के अंदरूनी समीकरण और स्पष्ट हो सकते हैं, जिस पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।








