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बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के बीच राजनीतिक माहौल लगातार गर्म होता जा रहा है। जैसे-जैसे मतदान की तारीखें नजदीक आ रही हैं, वैसे-वैसे नेताओं के बयान और हमले भी और तीखे हो रहे हैं। अब भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय राज्य मंत्री अश्विनी चौबे ने कांग्रेस सांसद राहुल गांधी और राजद नेता तेजस्वी यादव पर सीधा और कड़ा प्रहार किया है। उन्होंने दोनों को “नटवरलाल” बताते हुए कहा कि राहुल गांधी दिल्ली के नटवरलाल हैं और तेजस्वी यादव बिहार के नटवरलाल।
पटना में मीडिया से बातचीत के दौरान अश्विनी चौबे ने कहा कि राहुल गांधी और तेजस्वी यादव जनता को गुमराह करने की राजनीति कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि ये दोनों एक ही लीग के खिलाड़ी हैं — झूठ बोलने और भ्रम फैलाने के उस्ताद। चौबे ने कहा, “राहुल गांधी दिल्ली के नटवरलाल हैं और तेजस्वी यादव बिहार के नटवरलाल। दोनों की राजनीति सिर्फ दिखावे और झूठ पर आधारित है। जनता इनके झांसे में आने वाली नहीं है।”
अश्विनी चौबे ने राहुल गांधी के हालिया बयान पर भी पलटवार किया, जिसमें राहुल ने बीजेपी पर “वोट चोरी” का आरोप लगाया था। चौबे ने कहा कि राहुल गांधी को पहले यह बताना चाहिए कि कांग्रेस ने कितनी बार लोकतंत्र का अपमान किया और किस तरह परिवारवाद की राजनीति के जरिए देश के संस्थानों को कमजोर किया। उन्होंने कहा कि “राहुल गांधी और उनके सहयोगी नेताओं के पास अब जनता के मुद्दों पर बोलने को कुछ नहीं बचा, इसलिए वे झूठ और भ्रम की राजनीति कर रहे हैं।”
चौबे ने तेजस्वी यादव और उनके पिता लालू प्रसाद यादव पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि “लालू यादव भ्रष्टाचार के मामलों में सजा पा चुके हैं, फिर भी बाहर घूम रहे हैं। उनकी जमानत रद्द कर उन्हें वापस जेल भेजा जाना चाहिए। जिन्होंने चारा घोटाले जैसे मामलों में जनता का पैसा लूटा, उन्हें सजा पूरी करनी चाहिए।” भाजपा नेता ने यह भी आरोप लगाया कि राजद और कांग्रेस गठबंधन बिहार में झूठ और वादों के सहारे सत्ता में आने का सपना देख रहा है, लेकिन जनता सब जानती है और उन्हें करारा जवाब देगी।
चौबे ने कहा कि बिहार में एनडीए सरकार ने विकास की नई दिशा दी है, जबकि विपक्ष केवल जातिगत और परिवारवादी राजनीति कर रहा है। उन्होंने कहा, “तेजस्वी यादव आज तक कोई ठोस एजेंडा नहीं बता पाए हैं। सिर्फ वादों की राजनीति करते हैं और जनता को बहकाने की कोशिश करते हैं। लेकिन अब बिहार की जनता बहुत समझदार है, वह काम करने वालों को पहचानती है।”
उन्होंने कहा कि भाजपा और एनडीए गठबंधन ने बिहार में कानून व्यवस्था, सड़क, शिक्षा और रोजगार के क्षेत्र में जो काम किया है, उसकी तुलना किसी अन्य सरकार से नहीं की जा सकती। चौबे ने कहा कि “मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में बिहार ने काफी प्रगति की है और जनता अब किसी के झूठे वादों में नहीं आने वाली।”
अश्विनी चौबे ने कांग्रेस और राजद के गठबंधन को “महागठबंधन नहीं, महाठगबंधन” बताया। उन्होंने कहा कि “इनका गठबंधन सिर्फ सत्ता की लालसा के लिए है। न इनका कोई साझा विजन है, न जनता के लिए कोई ठोस योजना। राहुल गांधी और तेजस्वी यादव दोनों सिर्फ भाषणों में सपने बेचते हैं, लेकिन हकीकत में जनता को धोखा देते हैं।”
बिहार के इस बयान ने चुनावी माहौल को और भी गरम कर दिया है। भाजपा के इस हमले के बाद अब देखना होगा कि कांग्रेस और राजद की ओर से क्या प्रतिक्रिया आती है। हालांकि राजनीतिक विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे तीखे बयान चुनाव के अंतिम चरण में मतदाताओं की भावनाओं को प्रभावित करने की कोशिश होते हैं।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि अश्विनी चौबे का यह बयान भाजपा के आक्रामक चुनाव प्रचार की रणनीति का हिस्सा है। चुनाव नजदीक आने के साथ ही पार्टी विपक्ष को घेरने और एनडीए सरकार की उपलब्धियों को सामने रखने की कोशिश कर रही है। वहीं, विपक्ष भी लगातार केंद्र सरकार और नीतीश कुमार पर हमले तेज कर रहा है।
बिहार में विधानसभा चुनाव दो चरणों में संपन्न हो रहे हैं — पहला चरण 6 नवंबर को और दूसरा चरण 11 नवंबर को। नतीजे 14 नवंबर को घोषित किए जाएंगे। ऐसे में नेताओं के बीच आरोप-प्रत्यारोप और बयानबाजी का दौर अब अपने चरम पर पहुंच गया है।
अश्विनी चौबे के इस बयान ने एक बार फिर बिहार की राजनीति में “नटवरलाल” शब्द को चर्चा का विषय बना दिया है। अब देखने वाली बात यह होगी कि राहुल गांधी और तेजस्वी यादव इस तीखे बयान का जवाब किस अंदाज में देते हैं और आने वाले दिनों में बिहार की सियासत किस दिशा में जाती है।







